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BREAKING: रिहायशी इलाके में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
3 Oct 2025 10:02 PM IST
BREAKING: रिहायशी इलाके में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार
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जांच में हुआ बड़ा खुलासा
Bokaro. बोकारो। सिटी पुलिस ने गुरुवार देर रात एक रिहायशी इलाके में लंबे समय से संचालित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट नंबर 155 में पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला और एक पुरुष को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। कार्रवाई सिटी इंस्पेक्टर सुदामा दास के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोमिनपुर रोड, खिदिरपुर निवासी 25 वर्षीय निखत परवीन और बोकारो सेक्टर 12 निवासी 26 वर्षीय शनि कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी प्लॉट के बुजुर्ग मालिक से कमरा किराए पर लेकर लंबे समय से सेक्स रैकेट चला रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों से आर्थिक तंगी झेल रही लड़कियों को बहला-फुसलाकर बोकारो लाया जाता था और फिर उन्हें जबरन देह व्यापार में शामिल किया जाता था। छापेमारी के दौरान कमरे से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इसमें विभिन्न ब्रांड के दस कंडोम पैकेट, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर और एक डायरी शामिल है। बरामद डायरी में 50 से अधिक कथित ग्राहकों के मोबाइल नंबर दर्ज थे, जिनमें कई सफेदपोश लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा लायी गई लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। इन वीडियो का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने और रैकेट में बनाए रखने के लिए किया जाता था। रोजगार के नाम पर बुलाकर इन युवतियों को जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया जाता था। पुलिस ने बताया कि मजबूरी और डर के चलते पीड़िताएं इसका विरोध नहीं कर पाती थीं। रिहायशी इलाके में इस तरह के गैरकानूनी धंधे का असर स्थानीय लोगों पर भी पड़ा है। कई लोग भय और शर्म के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पाते, जिससे अपराधी लंबे समय तक अवैध गतिविधियां चला पाते हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह के गैरकानूनी धंधों के कारण इलाके का सामाजिक माहौल खराब हो गया है। घरेलू हिंसा, आपराधिक गतिविधियां और अवैध धंधों की बढ़ती घटनाओं ने समुदाय में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में कानून का दबाव महसूस होगा और ऐसे रैकेट पर अंकुश लगेगा। सिटी इंस्पेक्टर सुदामा दास ने कहा कि जांच अभी जारी है। पुलिस अब उन सभी लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जो इस रैकेट में शामिल थे। आरोपियों द्वारा रखे गए रिकॉर्ड, डायरी और मोबाइल फोन से अन्य संभावित अपराधियों और ग्राहकों की पहचान की जा रही है।

सिटी पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे रैकेट केवल महिलाओं के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि समाज और समुदाय की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। महिलाओं को रोजगार या फर्जी अवसर दिखाकर ब्लैकमेल करना, जबरन देह व्यापार में शामिल करना और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर दबाना गंभीर अपराध है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मुखबीरों की सूचना से ही ऐसे रैकेट का पता लगाया और खत्म किया जा सकता है।

पुलिस ने यह भी चेताया कि किसी भी तरह के संरक्षण या सहयोग में शामिल व्यक्ति कानून के दायरे में आएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद इलाके में निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिटी पुलिस की टीम लगातार रिहायशी और व्यस्त इलाकों में छापेमारी और निगरानी कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामले महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध और मानव तस्करी की गंभीर समस्या को उजागर करते हैं।

उन्हें आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और कमजोर पारिवारिक स्थिति का फायदा उठाकर फंसाया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस, प्रशासन और समुदाय को मिलकर काम करना होगा ताकि महिलाओं को सुरक्षित रखा जा सके। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों पर पुलिस सख्ती से नजर रख रही है। आरोपी न केवल गिरफ्तार हुए हैं बल्कि उनके खिलाफ सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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